डॉ. ओ. पी. टाक एक अनुभवी शिक्षाविद् और कहानीकार हैं, जो किताबों की दुनिया को जीवन का सबसे सुंदर साथी मानते हैं।किताबों के प्रति उनका लगाव केवल पढ़ने तक सीमित नहीं, बल्कि वे उन्हें भावनाओं, कल्पना और आत्म-अन्वेषण का माध्यम मानते हैं। अपने सत्र “जब बोलती है किताब” में वे बच्चों को किताबों की उस दिलचस्प दुनिया से रूबरू कराएँगे, जहाँ हर कहानी एक नई दोस्ती की शुरुआत होती है, और हर किरदार हमारे भीतर की किसी याद, किसी मुस्कान को फिर से जगा देता है। किताबो में उनका सत्र बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए एक यादगार अनुभव बनने का वादा करता है।